पंजाब

डिलीवरी बॉय 12.71 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार

Kavita2
15 Sept 2026 3:27 PM IST
डिलीवरी बॉय 12.71 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार
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चंडीगढ़। मनीमाजरा थाना पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक 27 वर्षीय युवक को कथित रूप से 12.71 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मनीमाजरा निवासी उतेश उर्फ उदित के रूप में बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी स्विगी में डिलीवरी बॉय का काम करता है और उसके खिलाफ इससे पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं पाया गया है।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बरामद पदार्थ को जब्त कर जब्त कर उसके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस यानी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित हेरोइन वह कहां से लेकर आया था और उसे किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था। नशीले पदार्थ की खरीद और आपूर्ति से जुड़े संभावित संपर्कों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनीमाजरा थाने की पुलिस टीम डीसी मोंटेसरी स्कूल के पास नियमित गश्त कर रही थी। इसी दौरान टीम की नजर एक युवक पर पड़ी, जिसकी गतिविधि पुलिस को संदिग्ध लगी। पुलिसकर्मियों ने उसे रोककर पूछताछ की और नियमानुसार उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके पास से पॉलीथिन की एक छोटी पुड़िया बरामद होने का दावा किया गया।

पुलिस के अनुसार, पॉलीथिन की पुड़िया में हल्के भूरे रंग का पदार्थ रखा हुआ था। पदार्थ संदिग्ध दिखाई देने के कारण उसकी मौके पर ही एमएफटी टीम से जांच कराई गई। प्रारंभिक जांच में पदार्थ के हेरोइन होने की पुष्टि बताई गई। इसके बाद उसका वजन किया गया, जो 12.71 ग्राम निकला। पुलिस ने बरामद पदार्थ को अपने कब्जे में लेकर युवक को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी के खिलाफ मनीमाजरा थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के लिए अब सबसे बड़ा सवाल बरामद हेरोइन के स्रोत का पता लगाना है। इसके साथ ही यह जानना भी महत्वपूर्ण होगा कि आरोपी नशीले पदार्थ को व्यक्तिगत उपयोग के लिए रखे हुए था या कथित रूप से किसी अन्य व्यक्ति को सप्लाई करने जा रहा था।

युवक के डिलीवरी बॉय के रूप में काम करने की जानकारी सामने आने के बाद इस पहलू की भी जांच आवश्यक मानी जा रही है कि क्या उसके काम का किसी कथित आपूर्ति गतिविधि में इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, अभी ऐसा कोई प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया गया है जिससे यह कहा जा सके कि आरोपी ने डिलीवरी सेवा की आड़ में नशीले पदार्थों की आपूर्ति की। इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जांच से पहले उचित नहीं होगा।

पुलिस का कहना है कि आरोपी का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। इस कारण यह भी जांच का विषय है कि वह पहली बार इस तरह की गतिविधि में शामिल हुआ या पहले से किसी व्यक्ति के संपर्क में था। पुलिस उसके संपर्कों और गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा सकती है। हालांकि, पूछताछ में सामने आए तथ्यों के संबंध में अभी कोई विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।

एनडीपीएस एक्ट के मामलों में बरामद पदार्थ की मात्रा, उसकी प्रकृति और नमूनों की विधिवत जांच महत्वपूर्ण होती है। मौके पर एमएफटी टीम से हुई जांच को प्रारंभिक पुष्टि माना गया है। आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त पदार्थ के नमूने को प्रयोगशाला भेजे जाने और विस्तृत परीक्षण की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। अंतिम रूप से पदार्थ की प्रकृति जांच रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर निर्धारित होगी।

पुलिस टीम ने बरामद पुड़िया और नशीले पदार्थ को केस से संबंधित साक्ष्य के रूप में कब्जे में लिया है। जब्ती की प्रक्रिया, बरामदगी का स्थान और वजन सहित सभी आवश्यक विवरण केस रिकॉर्ड में शामिल किए जाएंगे। आरोपी को अदालत में प्रस्तुत करने और आगे की पूछताछ के संबंध में उपलब्ध जानकारी में कोई स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है।

मनीमाजरा क्षेत्र में स्कूल के पास से कथित हेरोइन की बरामदगी ने स्थानीय स्तर पर नशीले पदार्थों की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, आरोपी वहां किसी को नशीला पदार्थ देने आया था या केवल रास्ते से गुजर रहा था, इसकी पुष्टि होना बाकी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि डीसी मोंटेसरी स्कूल के पास उसकी मौजूदगी का वास्तविक कारण क्या था।

मामले में पुलिस आरोपी से जुड़े संभावित आपूर्ति स्रोत और अन्य व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति का नाम सामने आता है तो उसके संबंध में अलग से सत्यापन किया जाएगा। पुलिस के सामने नशीला पदार्थ उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति तक पहुंचना और संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाना प्रमुख चुनौती होगी।

फिलहाल उतेश उर्फ उदित के खिलाफ लगाए गए आरोप न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं। गिरफ्तारी और प्रारंभिक जांच के आधार पर उसे दोषी घोषित नहीं किया जा सकता। आरोपों की सत्यता बरामदगी से जुड़े साक्ष्यों, प्रयोगशाला रिपोर्ट, जांच और अदालत में होने वाली सुनवाई के आधार पर तय होगी। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

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